सबसे पहले मैं अपने सभी पाठकों को होली की बहुत बहुत शुभकामनाएं देना चाहता हूँ। माफ़ी चाहता हूँ की सेहत ख़राब होने के चलते मैं इस साल होली नहीं मना सका परन्तु दिल में जोश फिर भी हर साल की तरह अपनी ...
.. फाग आग आँचनरम हुई कड़ियाँ- फिर टूटीं।
पसर गया प्रेमशब्द शब्द आखर आखर।
… तूने क्या, कैसे, क्यों बाँध रखा था ?
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.. फाग आग आँचनरम हुई कड़ियाँ- फिर टूटीं।पसर गया प्रेमशब्द शब्द आखर आखर।... तूने क्या, कैसे, क्यों बाँध रखा था ?==========================================
प्रिय तुम्हारी बाहों मेंपाती हूँ मैं असीम सुख,भूल जाना चाहती हूँसारी दुनियावी बातों को,परेशानियों को,फिर क्यों ??याद आती है वो लड़कीचिन्दी-चिन्दी कपड़ों में लिपटीहाथ में अल्यूमिनियम का कटोरा लियेआ ...
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तुमने चुपके से मुझे बुलाया ।
पूजा की थाली लेकर
साँझ सकारे
हाथों में, तुम चली
बिखर गयी अरुणाभा दीपक में
चली हवा
साड़ी सरकी
’सर’ से सर से
दीपक भकुआया
कँपती लौ ने संदेश ...
अपने गिरिजेश जी तो फगुनाहट में सराबोर हैं, उन्हें बखूबी साथ मिल रहा है अमरेन्द्र भाई का, तथा हिमांशु भाई का। कौन आचारज है, कौन चेला, कुछ भी क्लियराय नहीं रहा। जो भी हो, यह मंडली लगभग हर दूसरे ...
कहते हैं हुस्न का गुरूर करना जायज़ है,पर ज़रा इश्क के दिल से भी कोई पूछ ले कभी,कैसा लगता है चाँद कोजब चांदनी को खुद से अलग करना पड़ता है।माना की हुस्न की ताजगी में यह सारी कायनातधुली हुई सी लगती ...
ती:
त्याला बाय करून बसमधे… तो पुढच्या सिग्नलला डावीकडे वळून झूऽऽऽम…
एकमेकांचे हात हातात घेऊन दोघंही शांत बसलो होतो. माझं कुठे लक्ष होतं देव जाणे. कदाचित डोळे मिटूनही घेतले असतील मी. ...
तुम्हारे प्यार का अहसास लपेटे रहता है मुझे कोहरे साकानों में गुनगुनाता है एक मधुर रागिनीपायल की छनछन, बन जाती है मेरे दिल की धडकनमन मोर नाचने लगता है उसके ताल परऔर इस अहसास में मै, हो रहता हूं मगन ...
सभी को मेरा राधे - राधेकई सालों के बाद आखिर मुझे अपने परिवार के साथ वृन्दावन एवं मथुरा जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। वैसे तोह मथुरा पिताजी की जन्मभूमि है और उनका अधिकतर बचपन मथुरा में ही बीता, पर ...