आ मतौर पर हंसोड़ और परिहासप्रिय व्यक्ति को समाज में पसंद किया जाता है। ये लोग चूंकि सामान्यत: हर बात में हंसी-ठट्ठे का मौका तलाश लेते हैं इसलिए ऐसे लोगों को अक्सर विदूषक या मसखरा की उपाधि भी ...
जातिवादी सामाजिक व्यवस्था की खासियत ही यही रही कि इसमें हर समूह को एक खास पहचान मिली। हिन्दुओं में गोत्र होता है जो किसी समूह के प्रवर्तक अथवा प्रमुख व्यक्ति के नाम पर चलता है। सामान्य रूप से ...
हि न्दी की कुछ बोलियों में पाखाना के लिए तारत शब्द का प्रयोग भी होता है। पूर्वांचल में जहां यह तारत है वहीं मालवी में कहीं कहीं इसका उच्चारण तारज भी सुनाई पड़ता है। ये शब्द दरअसल ...
ज़ मीन की एक नाप के बतौर मुरब्बा शब्द का इस्तेमाल हिन्दी समेत पश्चिमोत्तर भारत की ज़बानों में होता है। यह अरबी का शब्द है। भूमि के चौरस टुकड़े को मुरब्बा कहते हैं। वह भूखण्ड जिसकी सभी भुजाएं एक ...
यायावरी, डगर-डगर घूमना, आवारगी आदि भावों को प्रकट करने के लिए हिन्दी-उर्दू में बंजारा शब्द है। इसकी रिश्तेदारी भी पण् से है। प्राचीनकाल में व्यापार व्यवसाय के लिए पण् शब्द का चलन था। पण् का ...